Veteran actor B. Saroja Devi, अपने व्यस्त क्षेत्रीय फ़िल्मी करियर के लिए जानी जाती थीं, जिनका सोमवार (14 जुलाई 2025) को 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। यह खबर बेंगलुरु से सामने आई है, जहाँ वे उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रही थीं।
B. Saroja Devi का शुरुआती जीवन और करियर
कर्नाटक सिनेमा की पहली सुपरस्टार मानी जाने वाली B. Saroja Devi ने अपने करियर की शुरुआत 1955 में आई फ़िल्म ‘महाकवि कालिदास’ से की थी। इसके बाद उन्होंने ‘स्कूल मास्टर’ (1958), ‘कित्तूर रानी चेन्नम्मा’ (1961), ‘अमरशिल्पी जकनाचार्य’ (1963), ‘मल्लम्मना पावड़ा’ (1968) जैसी कई प्रसिद्ध फ़िल्मों में अभिनय किया।
तमिल सिनेमा में B. Saroja Devi की लोकप्रियता
M.G. Ramachandran (MGR) ने उन्हें तमिल फ़िल्म ‘नाडोडी मन्नन’ में पेश किया, जिसके बाद वे तमिल फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम बन गईं।

शिवाजी गणेशन और B. Saroja Devi की जोड़ी
महान अभिनेता शिवाजी गणेशन के साथ उनकी चर्चित फ़िल्म ‘भागा पिरिविनै’ (1959) रही।
MGR के साथ B. Saroja Devi की सुपरहिट फिल्में
MGR के साथ उन्होंने 20 से अधिक फ़िल्मों में काम किया, जिनमें शामिल हैं:
- पालुम पज़मुम
- वाज़्काई वाज़्वथार्के (1964)
- आलायमणि (1962)
- पेरिया इडाथु पेन (1963)
- पुथिया परावई (1964)
- पनक्कारा कुदुंबम (1964)
- एंगा वीटु पिल्लई (1965)
- अनबे वा (1966)
तेलुगू सिनेमा में B. Saroja Devi का योगदान
तेलुगू सिनेमा में उन्होंने N.T. Rama Rao जैसे दिग्गजों के साथ काम किया। प्रमुख फ़िल्में रहीं:
- सीताराम कल्याणम (1961)
- जगदेक वीरुनी कथा (1961)
- दागुडु मूठालु (1964)
हिंदी सिनेमा में भी B. Saroja Devi का अभिनय
B. Saroja Devi ने हिंदी फ़िल्मों में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने दिलीप कुमार के साथ 1959 की फ़िल्म ‘पैग़ाम’ में अभिनय किया।
B. Saroja Devi को मिले पुरस्कार और सम्मान
उनके अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें निम्नलिखित पुरस्कारों से नवाज़ा:
- पद्म श्री – 1969
- पद्म भूषण – 1992
- लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड – 2008
निष्कर्ष: B. Saroja Devi का फिल्मी सफर अमर रहेगा
B. Saroja Devi का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। चार भाषाओं की फ़िल्म इंडस्ट्री में उन्होंने जो अमिट छाप छोड़ी, वह सदैव जीवित रहेगी। उनकी फिल्में, उनका अभिनय और उनकी यादें सदा दर्शकों के दिलों में बनी रहेंगी।